ऐसे मौके विरले आते हैं जब अमेरिकी सरकार किसी भारतीय की मुक्तकंठ प्रशंसा करे। अभी अमेरिका में भारतीय उद्यमी रितेश अग्रवाल की चहुंओर सराहना की जा रही है…
परहित सरसि धरम नहीं भाई…
वसुधैव कुटुंबकम की बुनियाद पर गढ़े गए भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में परोपकार का स्थान सर्वोपरि होता है। यह हम भारतीयों के आचार- व्यवहार में साफ झलकता है। आज जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है, अमेरिका जैसी महाशक्ति भी इस महामारी के आगे बेबस आ रही है। संकट की इस घड़ी में 26 साल के भारतीय युवा उद्यमी रितेश अग्रवाल ने परोपकार के ध्वज को और ऊंचा फहरा दिया है। रितेश की कंपनी ओयो होटल्स अमेरिका में इस महामारी से लड़ाई में जुटे डॉक्टरों-नर्सों को अपने होटलों में मुफ्त ठहरा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वरिष्ठ सलाहकार इवांका ट्रंप ने भारतीय स्टार्ट-अप ओयो होटल्स की इस पहल की सराहना भी कर चुकी हैं।
इवांका ने ओयो होटल्स की इस पहल को ‘परोपकार का प्रभावशाली’ कार्य बताया है।
इधर, भारत में भी ओयो होटल्स ने दिल्ली में सेल्फ क्वारेंटाइन के लिए अपने 1000 से ज्यादा कमरे सरकार को उपलब्ध कराने की पेशकश कर चुकी है। दिल्ली सरकार की तरफ से इस पहल की पुष्टि की जा चुकी है।
हाल ही
में हुरुन रिच लिस्ट 2020 में अब ओयो के फाउंडर और सबसे युवा भारतीय रितेश अग्रवाल
को भी जगह मिली है। उनकी नेटवर्थ करीब 8,000 करोड़ रुपये है। ओयो रूम्स देश की कामयाब इंटरनेट कंपनियों की
लिस्ट में फ्लिपकार्ट (20 अरब डॉलर) और पेटीएम (10 अरब डॉलर) के बाद तीसरी कंपनी
बन गई है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि तब रितेश अग्रवाल की उम्र केवल 18 वर्ष की थी जब
उन्होंने अपनी पहली कंपनी ओवलस्टेज़ के साथ शुरुआत की जो ओयो रूम्स में बदल गया।
इससे पहले अपने करियर में, उन्हें थील फैलोशिप प्राप्त हुई
जिसने उन्हें अपने उद्यम को महान ऊंचाई पर ले जाने में बहुत मदद मिली। इस
कार्यक्रम के माध्यम से, उन्हें $100,000 प्राप्त हुए। उन्होंने अपने
शानदार स्टार्टअप और नेतृत्व के लिए काफी संख्या में पुरस्कार और मान्यताएं भी
जीती हैं।
रितेश अग्रवाल का जन्म ओडिशा के दक्षिण में स्थित एक छोटे से शहर बिसमकटक में हुआ, जो नक्सली गतिविधियों के लिए जाना जाता है। रितेश कॉलेज ड्राप आउट हैं। शुरुआती स्कूली शिक्षा रायगढ़ के सेक्रेट हार्ट स्कूल से की है। मिजाज से घुमक्कड़ रितेश छोटी उम्र से ही बिल गेट्स, स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग से बहुत प्रेरित रहे हैं और वेदांता के अनिल अग्रवाल को अपना आदर्श मानते हैं।








































