सोनम वांगचुंगः 3 ईडियट्स के आमिर का इंस्पिरेशन

बॉलीवुड के स्वर्णिम इतिहास के सफलतम फिल्मों में शुमार फिल्म ‘3 इडियट्स’ ने न जाने कितने युवाओं को अपने सपनों को जीने के लिए इंस्पायर किया होगा। लेकिन जिस शख्स के जीवन से यह फिल्म इंस्पायर्ड है आज हम उनके बारे में बात करेंगे। इस शख्स का नाम है सोनम वांगचुक। शख्सियत के इस कॉलम में हम सोनम वांगचुंग की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अभी सोशल मीडिया में उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे भारतीयों से चाइनीज सॉफ्टवेयर को एक सप्ताह व हार्डवेयर का इस्तेमाल एक साल के अंदर छोड़ देने की अपील कर रहे हैं।

यहां देखें सोनम वांगचुंग का वीडियो

सोनम खुद एक इंजीनियर हैं और लद्दाख के इलाकों में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत हैं। वे स्टूडेंट एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SEMCOL) के नाम से मूवमेंट चला रहे हैं। हो सकता है कि आपको अब आमिर के फुनसुख वांगड़ू नाम रखे जाने की वजह समझ आ गई हो।
सोनम का मानना है कि असल बदलाव के लिए स्कूल के पाठ्यक्रमों में बदलाव की आवश्यकता है। सोनम ऐसे बच्चों और युवाओं को मौका देने के लिए चर्चित हैं जिन्हें तमाम प्रतिभाओं के बावजूद मौके नहीं मिल पाते। वे दूसरों के सपनों पर काम करने का काम करते हैं। सोनम को एसईसीएमओएल परिसर को डिजाइन करने के लिए भी जाना जाता है जो पूरी तरह से सौर-ऊर्जा पर चलता है, और खाना पकाने, प्रकाश या तापन (हीटिंग) के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करता है।

सोनम वांगचुक को सरकारी स्कूल व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार, ग्रामीण समुदायों और नागरिक समाज के सहयोग से 1994 में ऑपरेशन न्यू होप शुरू करने का श्रेय भी प्राप्त है। सोनम ने बर्फ-स्तूप तकनीक का आविष्कार किया है जो कृत्रिम हिमनदों (ग्लेशियरों) का निर्माण करता है, शंकु आकार के इन बर्फ के ढेरों को सर्दियों के पानी को संचय करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।